प्रतिमा या चित्र की स्थापना:- जिस देवता से संबंधित मंत्र का जप कर रहे हैं, उनकी प्रतिमा या चित्र अपने सामने रखें। जप आरंभ करने से पहले देवता की पूजा करें। हम सभी यह बात अच्छी तरह से जानते हैं कि चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण कई सालों के बाद https://thomasi912gey2.losblogos.com/38333175/the-best-side-of-siddh-yogiyon-aur-aghori-parampara-se-nikle-hue-shabd-hote-hain-jo-seedha-energy-ko-command-karte-hain